BP full form in Medical in Hindi

BP full form in Medical in Hindi (2023) Updated

Bp full form in medical in hindi :- आज के अपने इस पोस्ट में हम आपको BP फुल फॉर्म (BP Full Form in Hindi ) के बारे में बतायेगे। यदि आप भी इसके फुल फॉर्म के बारे में इंटरनेट पर खोज रहे है तो आपको मेरा ये लेख जरूर पढ़ना चाहिए।

BP full form in Medical in Hindi
BP full form in Medical in Hindi

इस पोस्ट के माध्यम से (BP full form in medical in hindi )के बारे में बात करेंगे।Blood Pressure को short form में BP कहते है।


BP IN HINDI – BP Full Form IN Medical IN HINDI

BP FULL FORM IN HINDI

BP Full Form Blood Pressure 
BP Full Form In Hindi “ब्लड प्रेशर”
BP फुल फॉर्म इन हिंदी

B :-  Blood 

P :-  Pressure 

BP फुल फॉर्म इन हिंदी :- “ब्लड प्रेशर”।

Blood Pressure और हिंदी में बीपी का मतलब रक्तचाप  होता है। ब्लड प्रेशर (BP) ब्लड वेसल्स की दीवारों पर ब्लड सर्कुलेट करके दबाव डाला जाता है। अगर व्यक्ति का high blood pressure होता है तो उसका शरीर में Blood कि गति काफी तेज (fast) होती है जो कि उसके अपने शरीर के लिए सही नहीं होता है और किसी व्यक्ति का Low Blood Pressure होता है तो ऐसे में उसका शरीर में Blood कि गति थोड़ा slow होता है जो कि उसके अपने शरीर के लिए सही नहीं है। 

Some Other Full Form OF : BP Full Form

Full FormCategoryTerms
Blood PressureMedicalBP
Battle PointsSportsBP
Baton PassSportsBP
Belt PunchSportsBP
Black PowderMilitary and DefenceBP

FAQ ABOUT BLOOD PRESSURE IN HINDI

Q- BP का मतलब क्या है?

Ans- Blood Pressure और हिंदी में बीपी का मतलब रक्तचाप  होता है। ब्लड प्रेशर (BP) ब्लड वेसल्स की दीवारों पर ब्लड सर्कुलेट करके दबाव डाला जाता है। 

Q- एक सामान्य व्यक्ति का बीपी कितना होना चाहिए?

Ans- किसी भी सामान्य व्यक्ति के रक्त चाप की सामान्य मात्रा 120/80 होना चाहिए। जब किसी भी इंसान का ब्लड प्रेशर 90/60 से नीचे चला जाता है, इस अवस्था को लो बीपी या हाइपोटेंशन कहते है।

Q – बीपी कैसे मापा जाता है?

Ans- BP को नापने के लिए मशीन आता है जिसे BP मशीन कहते है। ये आज के समय में डिजिटल और एनीरॉयड दोनों तरह का होता है।

Q- बीपी कितने प्रकार के होते हैं?

Ans-  अगर व्यक्ति का high blood pressure होता है तो उसका शरीर में Blood कि गति काफी तेज (fast) होती है जो कि उसके अपने शरीर के लिए सही नहीं होता है और किसी व्यक्ति का Low Blood Pressure होता है तो ऐसे में उसका शरीर में Blood कि गति थोड़ा slow होता है जो कि उसके अपने शरीर के लिए सही नहीं है। 

Q- बीपी बढ़ने से क्या होता है?

Ans- सिरदर्द बना रहे और सांस लेने में तकलीफ हो या सीना भारी लगे तो ये भी ब्लड प्रेशर की बीमारी के लक्षण हो सकते है। जब बीपी हाई होता है तो कई बार स्किन पर लाल धब्बे उभरने लगते हैं। अगर अन्य लक्षणों के साथ ये लाला धब्बे दिखें तो ये वॉर्निंग साइन हो सकता है। पैरों में अचानक बढ़ने वाली सूजन भी बीपी का ही संकेत होती है।

Q – बीपी कौन से हाथ से नापते हैं?

Ans- Normal तौर पर, ब्लड प्रेशर की रीडिंग हम अपने बाएं हाथ से नापते हैं और उसी के अनुसार अपनी रीडिंग नोट करते हैं। मगर कई शोध के अनुसार, यह पता चला है कि ब्लड प्रेशर की रीडिंग सिर्फ बाएं हाथ से नहीं बल्कि दाएं हाथ से भी लेनी चाहिए।


आखिरी कुछ इस पोस्ट के बारे में

आज के अपने इस पोस्ट में हमने आपको (BP full form in Medical in Hindi ) से जुड़े सभी तथ्यों के बारे में पूरा जानकरी दिया। ब्लड प्रेशर की उच्चतम वैल्यू का होना भी सही नहीं होता और न ही किसी के शरीर का ब्लड प्रेशर के निचले वैल्यू का होना सही होता है।

इस पोस्ट को पूरा पढ़ने के लिए आप सभी का तहे दिल से धन्यवाद!!!!!!!!!

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